Wednesday, September 20, 2023

भारत और कनाडा

                            भाद्रपद शुक्ल पंचमी  , संवत 2080 :                20 सितांबेर 2023.

          कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूड़ो ने भारत के उच्चायुक्त को बर्खास्त करके एक ऐसी गलती कर दी है कि वहाँ  के चंद खालिस्तानी समर्थकों की ही नहीं खुद ट्रूड़ो की भी नींद  उड़ने  वाली  है। ट्रूड़ो का G-20 भारत दौरा तो पहले ही बिल्कुल ठंडा रहा, जहां उसे भारत ही नहीं किसी भी अन्य देश ने भाव नहीं दिया, इसकी खीझ मिटाने और भारत से बदला चुकाने कि सोच ने  ही उन्हें  और उनकी विदेश मंत्री को  भारत विरोधी बयान देने के लिए उकसाया लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उल्टा, भारत सरकार ने तुरंत ही कनाडा के उच्चायुक्त को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जिसकी अभी तक किसी अन्य देश से कोई प्रतिक्रिया भी नहीं आई । कनाडा ने दूसरी गलती यह की उसने कहा  कि भारत ने उनके देश में जाकर निज़्झर की हत्या की है इन बातों से दो बातें साफ हो जाती हैं एक तो यह कि भारत इतनी मजबूत स्थिति में आ गया  है कि वह  कुछ भी कर सकता है, और दूसरी बात कि कनाडा अलग थलग पड़  चुका है उसके साथ आज कोई भी देश खड़ा नहीं हुआ यहाँ तक कि  उसकी विदेश नीति पर वहाँ  के विपक्षी दल लगातार प्रश्न उठाते  रहे हैं। भारत ने कनाडा के साथ चल रही फ्री-ट्रैड अग्रीमन्ट बातचीत  पर भी रोक लगा दी है। इन परिस्थितियों में  ट्रूड़ो साहब को अपनी कुर्सी बचाने के लाले पड़ रहे हैं , वहाँ  की  विपक्षी कॅन्जरवेटिव पार्टी खालिस्तानियों को देश के लिए खतरा मानने  लगे हैं, जबकि ट्रूड़ो कि पार्टी उनकी समर्थक मानी जाती है।  अब ट्रूड़ो के गले की  फाँस बन चुके भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकवादियों पर चारों तरफ से गाज गिरना तय है। वहाँ से भारत विरोधी वीडियो भेजने वाला गुरपतवंत सिंह पुन्नु भी परेशान है वह तो कई महीनों से छुपा फिर रहा था कि अगला नंबर 
कहीं उसका तो नहीं।कहीं  ऐसा  न हो कि कनाडा भी अपनी गलतियों के कारण पाकिस्तान और चीन कि तरह पूरे विश्व में अलग थलग पड़ जाएं।  ये आज का नया भारत है जिसने एक तरफ  पूरे विश्व पटल पर अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाया है तो दूसरी तरफ भारत के खिलाफ उठने वाली किसी भी आवाज  को बिना समय गँवाए उचित जवाब देने की शक्ति प्राप्त की है। 

                      

  







      श्री गणेशाये नमः 

     भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी , संवत 2080 :                19 सितांबेर 2023.                      

    आप सभी को गणेश  चतुर्थी  कि हार्दिक शुभकामनाएं । 

                


Friday, September 8, 2023

G-20 : भारत का नए युग में प्रवेश


                                                     
आज का नया भारत जाग उठा है वह पूरी शक्ति के साथ विश्व में अपनी पहचान बना रहा है।  देश का राजनैतिक नेतृत्व इतना सक्षम है कि विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों को अपने देश में बुलाकर उन्हें अपनी संस्कृति और विश्वकल्याण की अवधारणा से अवगत करवा सके। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में जो अभूतपूर्व दृढ़ता और समझबूझ का परिचय दिया है उससे विश्व पटल पर भारत के प्रति नजरिया  भी बदल है। भारत का पाकिस्तान और चीन के प्रति कड़ा रुख साफ करता है कि आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते। डोकलाम और लद्दाख क्षेत्र में  हुए संघर्ष ने चीन को भी अपनी रणनीति में बदलाव लाने पर मजबूर कर दिया है। चीन का हाल यहाँ तक खराब हो चुका है कि वहां  का नेतृत्व जिनपिंग की क्षमताओं पर गंभीर हो गया है जिससे जिनपिंग की चिंता बढ़ चुकी है ।  आज जब यह विमर्श पूरे विश्व के सामने है तो भारत के सम्मान में उनका साथ आना भारत को और भी मजबूत बनाने में सिद्ध होगा।  

Wednesday, August 30, 2023

सनातन धर्म जिंदा  है क्योंकि  उसके  ज्ञान का भंडार सदा समृद्ध रहा है , जब जब भी उस ज्ञान और संस्कार और शिक्षा को छोड़कर भारतवर्ष के लोग अपनी श्रेष्ठता को भूलें हैं तब तब यह देश गुलामी कि जंजीरों में पहुँच गया। 

Monday, August 7, 2023

भारत के बढ़ते कदम।

 मित्रों, आज भारत जाग उठा है यह किसी से छिपा नहीं है। पुराने औपनिवेशिक वातावरण में पले बढ़े हमारी पिता और दादा जी की पीढ़ी अंग्रेजी मानसिकता की गुलाम रही है, लेकिन इस समय अधेड़ उम्र की पीढ़ी अंग्रेजी प्रभाव में रहते हुए भी स्वतंत्र राष्ट्रवादी चेतना लिए आगे बढ़ी है लेकिन जो अंग्रेजी मानसिकता के प्रभाव में थे वे कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े । परिणाम आप देख ही रहे हैं कि देश में आज दो विचारधाराएं बह रही हैं। एक देशविरोधी सैकुलर समाजवादी विचारों का भ्रामक गठबंधन जो कम्युनिस्ट सोच से प्रभावित है तथा दूसरी ओर राष्ट्रीय चेतना लिए हुए भारतीय संस्कृति के वाहक। आजादी के इन ७५ वर्षों में इन दोनों धाराओं में काफी मनमुटाव रहा जिसमें अभी तक कम्युनिस्ट विचारधारा के लोगों ने सेक्युलरिजम के नाम पर हमारी राष्ट्रीय चेतना को को हमेशा दबाए रखा। लेकिन भारतीय जनमानस ने २०१४ में जो ऐतिहासिक परिवर्तन लाकर एक ऐसे व्यक्ति को सत्ता सौंप दी जो बेझिजक मां गंगा की आरती करता दिखता है, केदारनाथ के दर्शन कर वहां गुफा में ध्यान लगाए दिखाई देता है, भगवान राम के मंदिर का मार्ग प्रशस्त कर उसका शिलान्यास वैदिक मंत्रों से करता है और ऐसे अनेक परिदृश्य प्रस्तुत करता है तो दिखावटी सेक्युलर समाजवादी समाज के भीतर से एक भयंकर चीख सी निकलती है जो आजकल हमें यत्र-तत्र दिखाई देता है ।  इन लोगों की एक ही रट  है अभिव्यक्ति की आजादी जिसके नाम पर ये हर उस विचार का विरोध करते दिखते हैं जिसमें भारतीय संस्कृति का बिंब हो।  चाहे भारतीय शिल्प हो, भारतीय ज्ञान विज्ञान हो, पौराणिक इतिहास हो या संस्कृत  

Sunday, July 30, 2023

राष्ट्र चिंतन




                           13 सितांबेर 2022 


                        13 सितंबर 2023 

                            

           पूज्य माता जी को भाव पूर्ण श्रद्धांजलि 

                                                     




 

भारत और कनाडा